Tag - अर्थव्यवस्था

औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था

  औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था से तात्पर्य है कि किसी दूसरे देश की अर्थव्यवस्था का उपयोग अपने हित के लिए प्रयोग करना। भारत में औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था की शुरुआत 1757 ई0 में प्लासी युद्ध से हुई, जो विभिन्न चरणों में अपने बदलते स्वरूप के साथ स्वतंत्रता प्राप्ति [...]

गुप्त साम्राज्य के अन्तर्गत प्रशासन,अर्थव्यवस्था,साहित्य,कला,धार्मिक जीवन

  गुप्त साम्राज्य के अन्तर्गत प्रशासन (Administration Under Gupta Dynasty) : गुप्तकालीन शासकों ने एक विशाल साम्राज्य का निर्माण किया था। पाटलिपुत्र इस विशाल साम्राज्य की राजधानी थी। गुप्त शासकों ने उन क्षेत्रों के प्रशासन में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जहाँ के शासकों ने उनके सामन्तीय [...]

मौर्याेत्तरकालीन राजव्यवस्था,समाज,अर्थव्यवस्था,कृषि,उद्योग,कला,व्यापार,साहित्य

  मौर्याेत्तरकालीन राजव्यवस्था एवं प्रशासन (Post-Mauryan Polity and Administration) इस काल में अधिकतर छोटे-छोटे राज्य थे। यद्यपि उत्तर में कुषाणों एवं दक्षिण में सातवाहनों ने काफी विस्तृत प्रदेशों पर राज किया किन्तु न तो सातवाहन और न तो कुषाणों के राजनीतिक संगठन में वह केन्द्रीयकरण [...]

मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था,कला,समाज,अर्थव्यवस्था एंव पतन

  मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था:- मौर्य साम्राज्य के प्रशासन का स्वरूप केन्द्रीकृत था। अर्थशास्त्र के आधार पर प्रशासन के सभी पहलूओं में राजा का विचार और आदेश सबसे ऊपर था। चाणक्य के अनुसार राज्य के सात अवयव हैं- राजा, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोष, बल तथा [...]