GK

संवैधानिक बिकास

  रेग्यूलेटिंग एक्ट, 1973 ईस्ट इंडिया पर संसदीय नियंत्रण की शुरूआत | बंगाल के गवर्नर को,बम्बई तथा मद्रास तीनो प्रेसिडेंसीयों का गवर्नर जनरल बनाया गया| गवर्नर जनरल चार सदस्यीय परिषद की सहायता में कार्यरत था |परिषद के सदस्य सीधे सम्राट द्धारा नियुक्त होते थे [...]

लोक सेवा आयोग

   Public Service Commission चीन ने सर्वप्रथम प्रतियोगी परीक्षाएँ करवायी। 1853 के Act. में इंग्लैंण्ड में प्रतियोगी परीक्षा का प्रावधान था। 1919 के Act.में केन्द्र से राज्यों के लिए अलग-अलग आयोगों का प्रावधान था। 1926 में सर रो बार्कर की अध्यक्षता में लोक सेवा आयोग [...]

राज्यसभा की रचना या संगठन (Composition of Rajya Sabha)

  राज्यसभा भारतीय संसद का द्वितीय या उच्च सदन है। इसे लोकसभा की तुलना में कम शक्तियां प्राप्त हैं, लेकिन फिर भी इसका अपना महत्व और उपयोगिता है: सदस्य संख्या और निर्वाचन पद्धति:- राज्यसभा के सदस्यों की अधिक से अधिक संख्या 250 हो सकती है, परन्तु [...]

हाईकोर्ट,न्यायिक पुनरावलोकन,जनहितवाद,महान्यायवादी,महाधिवक्ता

  संविधान के भाग-6 में, अनु0 214 से 231 तक हाईकोर्ट का प्रावधान है। अनु0 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा। अनु0 230 के अनुसार संसद विधि बनाकर किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता का विस्तार संघ राज्य तक कर [...]

राज्यपाल

भारत में केन्द्र और राज्य दोनों स्तरों पर संसदीय शासन प्रणाली स्वीकार की गयी है। संसदीय शासन प्रणाली में दोहरी कार्यपालिका पायी जाती है। प्रथम-प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वास्तविक कार्यपालिका/द्वितीय-राष्ट्रपति या राज्यपाल के नेतृत्व में नाममात्र की कार्यपालिका। अनु0 153 में कहा [...]

न्यायपालिका एंव सर्वोच्च न्यायालय

  भारत में एकीकृत न्यायपालिका है जबकि अमेरिका में केन्द्र और राज्य स्तरों पर अलग-अलग दोहरी न्यायपालिका है। भारत में संवधिान सर्वोच्च है जबकि अमेरिका में न्यायपालिका भी सर्वोच्च है। इसीलिए अमेरिकन व्यवस्था के बारे में कहा जाता है कि यहाँ संविधान वही है [...]

लोकसभा की शक्तियां अथवा अधिकार और कार्य

भारतीय संसद के दो सदनों में लोकसभा लोकप्रिय सदन है, क्योंकि इसके गठन का आधार जनसंख्या है और लोकसभा के सदस्यों को जनता के द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचन के आधार पर निर्वाचित किया जाता है। संसदीय व्यवस्था का यह निश्चित सिद्धान्त है कि कानून निर्माण [...]

संघीय संसद (INDIAN PARLIAMENT)

  संघीय संसद (INDIAN PARLIAMENT) हमारे संविधान के अन्तर्गत केन्द्रीय विधान-मण्डल को संसद की संज्ञा दी गयी है और यह संसद द्विसदनात्मक सिद्धान्त के आधार पर गठित की गयी है। संविधान के अनुच्छेद 79 में लिखा है: ’संघ के लिए एक संसद होगी जो राष्ट्रपति और [...]

संघीय कार्यपालिका मन्त्रिपरिषद और प्रधानमन्त्री  [UNION EXECUTIVE : COUNCIL OF MINISTERS AND PRIME MINISTER]

  संघीय मन्त्रिपरिषद:-मूल संविधान के अनुच्छेद 74 में उपबन्धित है कि ’’राष्ट्रपति को उसके कार्यों के सम्पादन में सहायता एवं परामर्श देने के लिए मन्त्रिपरिषद होगी, जिसका प्रधान प्रधानमन्त्री होगा।’’ सैद्धान्तिक रूप से भारतीय संविधान द्वारा समस्त कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित मानी गयी [...]

निर्वाचन/चुनाव आयोग

  Election Commission सामान्य परिचय:- निर्वाचन आयोग का प्रावधान भारतीय संविधान के भाग 15 में अनुच्छेद 324 से अनु0 329 तक है। भारत में प्रतिनिधि लोकतंत्र है जिसमें जनता द्वारा निर्वाचित जन प्रतिनिधि शासन में भाग लेते हैं। अतः जन प्रतिनिधियों का चुनाव निष्पक्ष ढंग से [...]

संघीय कार्यपालिका: राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति[UNION EXECUTIVE : PRESIDENT AND VICE-PRESIDENT]

भारतीय संविधान में कहा गया है कि भारत का एक राष्ट्रपति होगा। संघीय कार्यपालिका की  शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी तथा वह इसका प्रयोग संविधान के अनुसार स्वयं अथवा अधीनस्थ पदाधिकारियों के द्वारा करेगा। इस प्रकार संघीय कार्यपालिका में राष्ट्रपति और मन्त्रिपरिषद् होंगे। राष्ट्रपति कार्यपालिका [...]

केन्द्र-राज्य सम्बन्ध- सांविधानिक प्रावधान

अनुच्छेद 246:-संसद को सातवीं अनुसूची की सूची 1 में प्रगणित विषयों पर विधि बनाने की शक्ति। अनुच्छेद 248:-अवशिष्ट शक्तियां संसद के पास अनुच्छेद 249:-राज्य सूची के विषय के सम्बन्ध में राष्ट्रीय हित में विधि बनाने की शक्ति संसद के पास अनुच्छेद 250:-यदि आपातकाल की उद्घोषणा प्रवर्तन में [...]